Ready to ship in 1-2 business days
Shipping Policy
Our systems are being upgraded. Orders between 3 Mar and 7 Mar 2025 will be shipped from 8 Mar 2025 onwards.
Original price was: ₹500.00.₹450.00Current price is: ₹450.00. incl. GST
Looking for coupon codes? See ongoing discountsपालीसिंह बहुत सालों बाद अपने गाँव लौटा है। लारी से उतरकर पाँच कोस चलकर गाँव पहुँचता है। जहाँ बचपन की उसकी सारी यादें—रास्ते, पेड़ों, पगडंडियों, हर कोने-कोने में छाई हुई है। बचपन की यादें एक छोटे बच्चे की उत्सुकता-भरी निगाहों की तरह उसके अन्दर उन लोगों के बारे में जानने की इच्छा पैदा कर देती हैं जिन्हें वो सालों पहले छोड़कर महानगर कलकत्ता भाग गया था। जैसे-जैसे वह गाँव की तरफ़ बढ़ता, वैसे ही हवाओं की मस्ती उसे पुरानी यादों से मदमस्त करती जाती और फिर उसे याद आती है अपनी सरनो की जिसे बचपन में वह बहुत तंग किया करता था।
बलवन्त सिंह का यह उपन्यास अतीत की ललक को बख़ूबी उभारता हुआ आहिस्ते से इस बात का भी अहसास कराता चलता है कि वर्तमान अक्सर वैसा नहीं होता, जैसा हम सोचते हैं। समय अक्सर अपने दाँवपेच बदलता रहता है और इसी दाँवपेच के बीच कैसा है पालीसिंह, जो अपने अतीत को पूरी तरह छोड़ नहीं पाता। पालीसिंह सरनो से प्यार करता है और उसे पाने के लिए वह अपने आप को हर पल बदलने की कोशिश भी करता है। पालीसिंह ने पहली बार अपने जीवन में प्रेम को महसूस किया है पर इनसानी फ़ितरत और नियत को कभी-कभी ख़ुद इनसान भी समझ नहीं पाता है। लेकिन बलवन्त सिंह ने अपने सरल और सीधे अन्दाज़ में इस जटिलता को पाठकों के सामने पेश किया है।
5 in stock
Ready to ship in 1-2 business days
Shipping Policy
Our systems are being upgraded. Orders between 3 Mar and 7 Mar 2025 will be shipped from 8 Mar 2025 onwards.
Weight | 500 g |
---|---|
Dimensions | 22 × 14 × 2 cm |
Book Author | |
Publisher | |
Language | |
Pages | 304 |
Binding | |
Condition |
Only logged in customers who have purchased this product may leave a review.
Reviews
There are no reviews yet.